About Infertility

[vc_row][vc_column width=”1/1″][vc_tabs][vc_tab title=”हिंदी में” tab_id=”1410082224-1-15″][vc_column_text]पुरूषों में बांझपन दो प्रकार से जाना जाता है-

1.   संभोग की क्रिया में विकृति जैसे-

उत्तेजना में कमी – यह इन्द्री में ढीलेपन का कारण हो सकती है।

शीघ्र पतन – इससे अभिप्राय यह है कि अपने साथी को संतुष्ट न कर पाना

समय पर संभोग की अनिच्छा।

उपरोक्त कमियों की सम्पूर्ण चिकित्सा संभव है।

मोटे तौर पर संभोग संबन्धित कमी की शिकायत मानसिक ही मानी जाती है और यह सच भी है। दूसरी ओर आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की खोजों के कारण न्यूनतम प्रतिशत यदा-कदा किसी संभावित कारण की कमी से हो सकता है जैसे – हारमोन्स की कमी या पूरी उत्तेजना होने पर भी शिथिलता आना। लेकिन इन सब के लिए किसी योग्य चिकित्सक की राय लेना आवश्यक है और यह कमी किसी मनोचिकित्सक के परामर्श से दूर हो सकती है। अन्यथा किसी भी प्रकार के अनर्गल, अनुचित विज्ञापनों के ज़रिये नीम हकीम से इलाज कराना घातक हो सकता है। यहाँ एक उदाहरण दे रहा हूँ-

‘‘महाभारत के युद्ध में जब रथ पर अर्जुन झुक कर अर्ध मूर्छित होकर बैठ गया था लेकिन श्री कृष्ण के उपदेश पाकर वही अर्जुन अपनी खोई हुई शक्ति पुनः पाकर युद्ध के लिए तैयार हो गया।’’

कहने का तात्पर्य यही है कि पुरूष बांझपन के इस कारण को उचित चिकित्सीय परामर्श, कुछ विशेष गुप्त अंगों की कसरत के द्वारा स्वस्थ संभोग शक्ति प्राप्त कर सकता है। यदा-कदा दवा की ज़रूरत भी हो सकती है।

 

2. संतानोत्पत्ति में सफलता न मिलना-

यहाँ मेरा तात्पर्य केवल यही है कि शुक्राणुओं कि कमी, विकृत होना, मरे होना या नहीं होना के कारण  पूर्ण रूपेण सम्भोग शक्ति होने पर भी संतान उत्पति में सफलता न मिलना, मेरे परामर्श से सफलतम चिकित्सा संभव है| यहाँ मेरे इलाज से गत 30 वर्षो में अनेकानेक दम्पति संतान सुख भोग चुके है और भोग रहे है| हम सफलता का वायदा करते है जहाँ शुक्राणुओं कि कमी, विकृत होना, या मरे हुए है| 98% तक लोगो ने सफलता  पाई है जिनके वीर्य में शुक्राणु नहीं है उनमें भी लगभग 70% सफलता प्राप्त हो चुकी है

कुछ रोगियों ने जनहित में हमको लिखित साक्ष्य भी दिए है जिससे प्रेरित होकर अपनी सफलतम चिकित्सा प्राप्त कर सके|[/vc_column_text][/vc_tab][vc_tab title=”English” tab_id=”1410082224-2-45″][vc_column_text]The Two Major issues which account for male infertility are —

1. Ability to perform satisfactory coital act.

2. Healthy and adequate number of sperms in the semen.

Conditions which are encountered in male infertility related problems are —

1. Sperms are less.

2. Non Motile sperms.

3. Abnormal Sperms.

4. Nill. Sperms.

The medical treatment is available to a satisfactory level in all cases, where the sperms are less, non motile or deformed. If the sperms are nil / absent the treatment is effective in about 60% cases which can be proved during counselling of the couple by supporting data. It has been narrated in the website under the head of pretesticular causes of azoospermia / nil sperms. While in remaining cases the results are very promising and results are  >98%.[/vc_column_text][/vc_tab][/vc_tabs][/vc_column][/vc_row]